E Shram Card Bhatta
भारत में करोड़ों लोग ऐसे हैं जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इनमें निर्माण श्रमिक, घरेलू कामगार, स्ट्रीट वेंडर, कृषि मजदूर, बीड़ी बनाने वाले, हथकरघा कारीगर और अन्य शामिल हैं। ये श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन इन्हें कई बार सामाजिक सुरक्षा लाभ नहीं मिल पाते। इसी समस्या को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2021 में “ई-श्रम कार्ड योजना” की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
ई-श्रम कार्ड योजना का इतिहास और उद्देश्य
कोविड-19 महामारी के दौरान असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की दुर्दशा देखकर, केंद्र सरकार ने अगस्त 2021 में ई-श्रम पोर्टल लॉन्च किया। इस पोर्टल के माध्यम से देश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया गया। ई-श्रम कार्ड योजना का मुख्य उद्देश्य है:
- असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पहचान प्रदान करना
- उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना
- वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना
- सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाना
ई-श्रम कार्ड के लाभार्थी
ई-श्रम कार्ड योजना का लाभ निम्नलिखित श्रेणियों के लोगों को मिलता है:
- 16 से 59 वर्ष की आयु वर्ग के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक
- स्वरोजगार में लगे व्यक्ति
- घरेलू कामगार
- निर्माण श्रमिक
- कृषि मजदूर
- मत्स्य पालन में लगे श्रमिक
- स्ट्रीट वेंडर और हॉकर्स
- वेस्ट पिकर्स (कचरा बीनने वाले)
- मिड-डे मील वर्कर्स
- आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता
- अन्य सभी प्रकार के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक
यह योजना पुरुष और महिला दोनों श्रमिकों के लिए समान रूप से लागू है। इसमें कोई लिंग भेदभाव नहीं है और सभी पात्र श्रमिक इसका लाभ उठा सकते हैं।
ई-श्रम कार्ड के अंतर्गत मिलने वाले लाभ और भत्ते
1. मासिक वित्तीय सहायता
ई-श्रम कार्ड धारकों को ₹1000 प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जमा की जाती है। यह राशि उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।
2. दुर्घटना बीमा कवर
ई-श्रम कार्ड धारकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के तहत दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इसके अंतर्गत:
- दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता होने पर ₹2 लाख का बीमा कवर
- आंशिक विकलांगता होने पर ₹1 लाख का बीमा कवर
3. रोजगार भत्ता
अगर कोई पंजीकृत श्रमिक बेरोजगार हो जाता है या उसे रोजगार नहीं मिल पा रहा है, तो उसे सरकार द्वारा रोजगार भत्ता प्रदान किया जाता है। यह भत्ता श्रमिक की श्रेणी, योग्यता और राज्य के आधार पर भिन्न हो सकता है।
4. वृद्धावस्था पेंशन
ई-श्रम कार्ड धारक जो 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) के तहत ₹3000 की मासिक पेंशन मिलती है। यह पेंशन उनकी वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
5. स्वास्थ्य और चिकित्सा लाभ
ई-श्रम कार्ड धारकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इससे उन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वित्तीय सहायता मिलती है।
6. शिक्षा सहायता
ई-श्रम कार्ड धारकों के बच्चों को विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से शिक्षा सहायता प्रदान की जाती है। इससे उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलती है।
7. मातृत्व लाभ
महिला श्रमिकों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत मातृत्व लाभ प्रदान किया जाता है। इसके अंतर्गत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जाती है।
8. आवास सहायता
ई-श्रम कार्ड धारकों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत आवास सहायता प्रदान की जाती है। इससे उन्हें अपना घर बनाने में मदद मिलती है।
ई-श्रम कार्ड बेनिफिशियरी लिस्ट और इसका महत्व
ई-श्रम कार्ड बेनिफिशियरी लिस्ट एक सूची है जिसमें उन लाभार्थियों के नाम शामिल होते हैं जिन्हें ई-श्रम कार्ड योजना के अंतर्गत लाभ मिल रहा है। यह सूची योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
बेनिफिशियरी लिस्ट देखने के फायदे:
- सत्यापन: लाभार्थी इस सूची में अपना नाम देखकर सत्यापित कर सकते हैं कि उन्हें योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं।
- त्रुटियों का सुधार: अगर किसी पात्र श्रमिक का नाम सूची में नहीं है, तो वह आवश्यक सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।
- पारदर्शिता: यह सूची योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है और भ्रष्टाचार को रोकने में मदद करती है।
- योजना के प्रभाव का आकलन: सरकार इस सूची के माध्यम से योजना के प्रभाव का आकलन कर सकती है और आवश्यक सुधार कर सकती है।
ई-श्रम कार्ड पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?
ई-श्रम कार्ड धारक अपने भत्तों और पेंशन का स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:
- ई-श्रम पोर्टल (www.eshram.gov.in) पर जाएं।
- होम पेज पर “भुगतान स्थिति (Payment Status)” विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना यूएन ए नंबर (UAN) या आधार नंबर दर्ज करें।
- कैप्चा कोड भरें और “स्टेटस चेक करें” बटन पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर आपका भुगतान स्टेटस दिखाई देगा।
वैकल्पिक रूप से, श्रमिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या श्रम सुविधा केंद्र पर जाकर भी अपना भुगतान स्टेटस चेक कर सकते हैं।
ई-श्रम कार्ड के लिए पंजीकरण प्रक्रिया
असंगठित क्षेत्र के श्रमिक निम्नलिखित तरीकों से ई-श्रम कार्ड के लिए पंजीकरण करा सकते हैं:
ऑनलाइन पंजीकरण:
- ई-श्रम पोर्टल पर जाएं और “पंजीकरण” विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- ओटीपी (OTP) सत्यापन के बाद, अपनी व्यक्तिगत जानकारी, रोजगार विवरण, और बैंक खाता विवरण दर्ज करें।
- फॉर्म जमा करें और अपना ई-श्रम कार्ड डाउनलोड करें।
ऑफलाइन पंजीकरण:
- अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), श्रम सुविधा केंद्र, या अन्य अधिकृत केंद्रों पर जाएं।
- अपने आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, और बैंक खाते का विवरण साथ लेकर जाएं।
- केंद्र के कर्मचारी आपकी जानकारी दर्ज करेंगे और आपको पंजीकरण रसीद देंगे।
- कुछ दिनों के बाद, आप अपना ई-श्रम कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।
ई-श्रम कार्ड योजना की उपलब्धियां
ई-श्रम कार्ड योजना की शुरुआत के बाद से, इसने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मार्च 2025 तक, इस योजना की कुछ प्रमुख उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:
- व्यापक पंजीकरण: देश भर में 28 करोड़ से अधिक असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।
- वित्तीय समावेशन: लाखों श्रमिकों के बैंक खाते खोले गए और उन्हें वित्तीय प्रणाली से जोड़ा गया।
- सामाजिक सुरक्षा: करोड़ों श्रमिकों को दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा, और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए गए।
- महिला सशक्तिकरण: लगभग 55% पंजीकृत श्रमिक महिलाएं हैं, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है।
- डिजिटल साक्षरता: ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से लाखों श्रमिकों को डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन सेवाओं से परिचित कराया गया।
चुनौतियां और आगे का रास्ता
ई-श्रम कार्ड योजना की सफलता के बावजूद, इसके क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियां भी हैं:
- जागरूकता की कमी: कई असंगठित क्षेत्र के श्रमिक अभी भी इस योजना से अनजान हैं।
- डिजिटल विभाजन: ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट पहुंच की कमी है।
- दस्तावेजों की कमी: कई श्रमिकों के पास आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक खाता आदि नहीं हैं।
- भाषा बाधा: ई-श्रम पोर्टल पर सीमित भाषाओं में सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे गैर-हिंदी और गैर-अंग्रेजी भाषी श्रमिकों को परेशानी होती है।
इन चुनौतियों को दूर करने के लिए, सरकार निम्नलिखित कदम उठा रही है:
- जागरूकता अभियान: ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
- मोबाइल वैन: मोबाइल वैन के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में पंजीकरण शिविर लगाए जा रहे हैं।
- बहुभाषी सेवाएं: ई-श्रम पोर्टल को विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जा रहा है।
- सरलीकृत प्रक्रिया: पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इसका लाभ उठा सकें।
ई-श्रम कार्ड योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक वरदान साबित हुई है। यह योजना न केवल उन्हें पहचान प्रदान करती है, बल्कि उन्हें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभों से भी जोड़ती है। पंजीकरण से लेकर लाभ प्राप्त करने तक, पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुलभ बनाई गई है।
हालांकि, अभी भी कई श्रमिक इस योजना से वंचित हैं। सरकार, गैर-सरकारी संगठनों, और नागरिक समाज को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हर पात्र श्रमिक इस योजना का लाभ उठा सके। ई-श्रम कार्ड के माध्यम से, हम एक ऐसे भारत की ओर बढ़ रहे हैं जहां हर श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि मिले।